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सम्पूर्ण टीकाकरण की सुविधा डॉक्टर द्वारा

सभी गंभीर व जटिल बीमारियों का संपूर्ण

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बच्चे की

बेहतर केयर

माँ के बाद हम ही समझते हैं

शिशु रोग विभाग

96 स्लाइस सी. टी. स्कैन मशीन

डिजिटल एक्स-रे

USG, EEG द्वारा जांच सुविधा

. किफायती दरों पर इलाज

की सुविधा उपलब्ध.

डॉ. साँवर अग्रवाल

वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ

30 मार्च 2025

सुबह

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अग्रवाल नर्सिंग होम

राशन कार्ड / आयुष्मान कार्ड द्वारा इलाज की सुविधा

संपर्क:

● बसना, जिला महासमुंद (छ.ग.)

84618-11000, 77708-68473, 77730-86100नवजात शिशु एवं बच्चों का ICU
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सर्वे सन्तु निरामयाः

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परिवार की ओर से

हार्दिक स्वागत और अभिनंदन

बहुत ही सरल व्यक्तित्व एवं मृदुभाषी

डॉ. देवेश अग्रवाल

नेत्र रोग विशेषज्ञ

ऑकुलोप्लास्टी एवं मोतियाबिंद फेको सर्जन

सद्गुरु नेत्रालय चित्रकूट से प्रशिक्षित

7+ वर्षों का अनुभव

निःशुल्क नेत्र रोग जाँच और परामर्श शिविर

01 अप्रैल 2025 सुबह 10 से दोप 3 बजे तक

उपलब्ध इलाज :

• मोतियाबिंद

• कम दिखाई देना

• कांचबिंद

• लगातार बदलते चश्मे का नंबर

झुकी पलकें

अंदर मुड़ी हुई पलकें

• बाहर मुड़ी हुई पलकें

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मोतियाबिंद एवं अन्य मरीज जिन्हें

ऑपरेशन की जरूरत है, उन्हें

चिन्हांकित कर समय एवम दिनांक

दिया जाएगा। ऑपरेशन बहुत ही

ग्लूकोमा

आँखों में रूखापन

O

आँखों से आँसू आना

• बार-बार संक्रमण आँखों में खुजली, जलन, लालिमा

न्यूनतम दरों में लेजर मशीन और

फेंको मशीन द्वारा किया जाएगा।

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• नाक के मस्से

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• नाक की हड्डी का तिरछा होना

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रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों की दी जानकारी

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में 30 मार्च को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम स्थल बिलासपुर के मोहभट्ठा मैदान में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ को दिए जाने वाले सौगातों के साथ ही उनके कार्यक्रम के लिए शासन-प्रशासन द्वारा की गई व्यापक व्यवस्थाओं के बारे में पत्रकारों को विस्तार से बताया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, विधायक श्री धरमलाल कौशिक और श्री सुशांत शुक्ला, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुवा तथा संभागायुक्त श्री महादेव कावरे सहित आयोजन की तैयारियों से जुड़े विभिन्न विभागों एवं बिलासपुर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थेउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में 30 मार्च को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम स्थल बिलासपुर के मोहभट्ठा मैदान में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ को दिए जाने वाले सौगातों के साथ ही उनके कार्यक्रम के लिए शासन-प्रशासन द्वारा की गई व्यापक व्यवस्थाओं के बारे में पत्रकारों को विस्तार से बताया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, विधायक श्री धरमलाल कौशिक और श्री सुशांत शुक्ला, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुवा तथा संभागायुक्त श्री महादेव कावरे सहित आयोजन की तैयारियों से जुड़े विभिन्न विभागों एवं बिलासपुर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे

रायपुर : राज्यपाल ने चैत्र नव वर्ष, नवरात्रि, गुड़ी पड़वा उगादी एवं चेटीचण्ड पर्व पर दी शुभकामनाएं

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने चैत्र नव वर्ष, नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, उगादी एवं चेटीचण्ड के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने कामना की है कि यह नव वर्ष देश एवं प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए मंगलमय, सुख-समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आएगा और प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ेगा।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने चैत्र नव वर्ष, नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, उगादी एवं चेटीचण्ड के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने कामना की है कि यह नव वर्ष देश एवं प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए मंगलमय, सुख-समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आएगा और प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ेगा।

रायपुर : प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक सुधारों से भारत बनी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के व्यापक आर्थिक सुधारों के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जीएसटी और कर सुधारों ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया है और राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है।चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की इस विकास यात्रा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में भी उनकी भागीदारी अहम होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बैंक ऑडिट एंड एआई’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने सीए छत्तीसगढ़ के विशेष लोगो का भी विमोचन किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य का सबसे बड़ा औजार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बौद्धिक वर्ग हमेशा नई तकनीकों को अपनाता है और एआई (AI) ऐसी ही एक गेम-चेंजर तकनीक है। उन्होंने माना कि एआई न केवल सीए पेशे को और सशक्त करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की गुणवत्ता व गति को भी बढ़ाएगा। उन्होंने एआई से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आईसीएआई की स्थापना को भारतीय अकाउंटिंग क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1949 में 1600 लोगों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज चार लाख से अधिक सदस्यों का मजबूत संगठन बन चुका है, जो देशभर में आर्थिक उत्तरदायित्व निभा रहे हैं।

नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश, प्रदेश को 4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति निवेशकों के लिए आकर्षक है और सभी वर्गों का ध्यान रखती है। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिथियम जैसे दुर्लभ खनिज की उपलब्धता और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में राज्य सरकार ने कई दूरदर्शी फैसले लिए हैं, जिससे प्रदेश में तेज़ी से विकास हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हो रहा है।

छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047: विकसित भारत में प्रदेश की महती भूमिका

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का ज़िक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रदेश के 3,000 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इसमें भागीदार बनेंगे।

आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चरणजोत सिंह नंदा ने संस्था की स्थापना (1949) से लेकर अब तक की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट के कार्य से जुड़ी चुनौतियों और दायित्वों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश के सभी सीए मिलकर प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपनों को साकार करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी सीए श्री अमित चिमनानी, सीए श्री पंकज शाह, सीए श्री अभय छाजेड़, सीए श्री विकास गोलछा सहित आईसीएआई के रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ ब्रांच के सदस्य उपस्थित थे।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के व्यापक आर्थिक सुधारों के कारण भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जीएसटी और कर सुधारों ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया है और राजस्व संग्रहण को मजबूत किया है।चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भारत की इस विकास यात्रा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में भी उनकी भागीदारी अहम होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बैंक ऑडिट एंड एआई’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने सीए छत्तीसगढ़ के विशेष लोगो का भी विमोचन किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य का सबसे बड़ा औजार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बौद्धिक वर्ग हमेशा नई तकनीकों को अपनाता है और एआई (AI) ऐसी ही एक गेम-चेंजर तकनीक है। उन्होंने माना कि एआई न केवल सीए पेशे को और सशक्त करेगा, बल्कि इस क्षेत्र की गुणवत्ता व गति को भी बढ़ाएगा। उन्होंने एआई से जुड़ी संभावनाओं और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आईसीएआई की स्थापना को भारतीय अकाउंटिंग क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि 1949 में 1600 लोगों के साथ शुरू हुआ यह संस्थान आज चार लाख से अधिक सदस्यों का मजबूत संगठन बन चुका है, जो देशभर में आर्थिक उत्तरदायित्व निभा रहे हैं।

नई औद्योगिक नीति से बढ़ा निवेश, प्रदेश को 4 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की चर्चा करते हुए कहा कि यह नीति निवेशकों के लिए आकर्षक है और सभी वर्गों का ध्यान रखती है। अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लिथियम जैसे दुर्लभ खनिज की उपलब्धता और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की स्थापना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले 15 महीनों में राज्य सरकार ने कई दूरदर्शी फैसले लिए हैं, जिससे प्रदेश में तेज़ी से विकास हो रहा है और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। लोक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हो रहा है।

छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047: विकसित भारत में प्रदेश की महती भूमिका

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का ज़िक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रदेश के 3,000 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इसमें भागीदार बनेंगे।

आईसीएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चरणजोत सिंह नंदा ने संस्था की स्थापना (1949) से लेकर अब तक की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट के कार्य से जुड़ी चुनौतियों और दायित्वों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि देश के सभी सीए मिलकर प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के सपनों को साकार करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी सीए श्री अमित चिमनानी, सीए श्री पंकज शाह, सीए श्री अभय छाजेड़, सीए श्री विकास गोलछा सहित आईसीएआई के रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और रायगढ़ ब्रांच के सदस्य उपस्थित थे।

रायपुर : तकनीक से तालमेल ही सफलता की कुंजी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्यमिता और नवाचार पर दिया जोर

उद्यम के लिए बदलती हुई तकनीक से तालमेल बहुत जरूरी है। समय के साथ तकनीक में बहुत तेजी से बदलाव हो रहा है। जो उद्यम तकनीक के साथ खुद को अपडेट नहीं करते, वे पीछे रह जाते हैं। आज नई तकनीक को अपनाकर ही सफलता के मानदंडों पर खरा उतरा जा सकता है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में भी टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव : विजन विकसित भारत 2047 में उद्यमियों, प्रोफेसर्स और आईआईटी भिलाई के छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए एमओयू सम्पन्न

आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव में दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए आईआईटी भिलाई और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के मध्य एमओयू भी संपादित किया गया। यह कॉन्क्लेव शिक्षा जगत के सहयोग से क्षेत्रीय उद्योगों की तकनीकी उन्नति और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे हार्दिक खुशी है कि आईआईटी भिलाई द्वारा ‘विजन विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रीज कान्क्लेव किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के लिए योगदान देना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर लिहाज से समृद्ध है। यहां वन संपदा और खनिज संसाधन भरपूर हैं। हमारा प्रदेश ‘धान का कटोरा’ कहलाता है और यहां के किसान मेहनतकश हैं।

विजन 2047 डॉक्यूमेंट और नई औद्योगिक नीति 2024-30 लागू

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के लिए राज्य सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति 2024-2030 लागू की गई है।

इस नीति में सभी वर्गों को विकास में भागीदार बनाया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांगजन सहित अन्य वर्गों को विशेष सहूलियत दी गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष फोकस है। बीस्पोक पॉलिसी और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नई नीति को लेकर निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

निवेशकों की बढ़ती रुचि, मिले 3700 करोड़ के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निवेशक अब छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हाल ही में बंगलुरु में आयोजित इन्वेस्ट कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ को 3700 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।नई दिल्ली और मुंबई में भी इन्वेस्ट कनेक्ट मीट आयोजित की गई, जिनमें निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्साह दिखाया है।

ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और आईटी सेक्टर में बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ग्रीन एनर्जी पर विशेष जोर दे रहे हैं।छत्तीसगढ़ सरकार भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।इसके साथ-साथ टेक्सटाइल और आईटी क्षेत्र में भी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।

स्किलिंग पर विशेष ध्यान, युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कौशल उन्नयन पर भी राज्य सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर श्री राजीव प्रकाश, सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री संजय जैन, श्री अमर परवानी, आईआईटी भिलाई के प्रोफेसर व छात्रगण सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।उद्यम के लिए बदलती हुई तकनीक से तालमेल बहुत जरूरी है। समय के साथ तकनीक में बहुत तेजी से बदलाव हो रहा है। जो उद्यम तकनीक के साथ खुद को अपडेट नहीं करते, वे पीछे रह जाते हैं। आज नई तकनीक को अपनाकर ही सफलता के मानदंडों पर खरा उतरा जा सकता है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में भी टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव : विजन विकसित भारत 2047 में उद्यमियों, प्रोफेसर्स और आईआईटी भिलाई के छात्रों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए एमओयू सम्पन्न

आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कान्क्लेव में दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए आईआईटी भिलाई और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के मध्य एमओयू भी संपादित किया गया। यह कॉन्क्लेव शिक्षा जगत के सहयोग से क्षेत्रीय उद्योगों की तकनीकी उन्नति और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे हार्दिक खुशी है कि आईआईटी भिलाई द्वारा ‘विजन विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रीज कान्क्लेव किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के लिए योगदान देना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर लिहाज से समृद्ध है। यहां वन संपदा और खनिज संसाधन भरपूर हैं। हमारा प्रदेश ‘धान का कटोरा’ कहलाता है और यहां के किसान मेहनतकश हैं।

विजन 2047 डॉक्यूमेंट और नई औद्योगिक नीति 2024-30 लागू

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के लिए राज्य सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति 2024-2030 लागू की गई है।

इस नीति में सभी वर्गों को विकास में भागीदार बनाया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांगजन सहित अन्य वर्गों को विशेष सहूलियत दी गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष फोकस है। बीस्पोक पॉलिसी और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नई नीति को लेकर निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

निवेशकों की बढ़ती रुचि, मिले 3700 करोड़ के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निवेशक अब छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हाल ही में बंगलुरु में आयोजित इन्वेस्ट कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ को 3700 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।नई दिल्ली और मुंबई में भी इन्वेस्ट कनेक्ट मीट आयोजित की गई, जिनमें निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्साह दिखाया है।

ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और आईटी सेक्टर में बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ग्रीन एनर्जी पर विशेष जोर दे रहे हैं।छत्तीसगढ़ सरकार भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।इसके साथ-साथ टेक्सटाइल और आईटी क्षेत्र में भी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।

स्किलिंग पर विशेष ध्यान, युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कौशल उन्नयन पर भी राज्य सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

इस अवसर पर आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रोफेसर श्री राजीव प्रकाश, सीआईआई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री संजय जैन, श्री अमर परवानी, आईआईटी भिलाई के प्रोफेसर व छात्रगण सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

महासमुंद : सर्जरी के बाद नन्ही सिद्धि पूरी तरह स्वस्थ, आयुष्मान योजना बनी जीवन संवारने वाली संजीवनी

महासमुंद ब्लॉक के ग्राम बरोंडाबाजार में 11 जनवरी 2024 को श्री कार्तिक ध्रुव के घर नन्ही सी प्यारी बच्ची सिद्धि का जन्म हुआ। उनके आगमन से पूरे परिवार में अपार हर्ष और उल्लास का वातावरण छा गया। लेकिन जन्म के तुरंत बाद ही परिजनों ने सिद्धि के सिर पर असामान्य सूजन देखी, जिससे सभी चिंतित हो गए।
परिवार ने तुरंत स्थानीय मितानिन और चिरायु टीम महासमुंद से संपर्क किया। डॉ. रूही नाज और सहयोगी डॉक्टर ने स्थिति को गंभीर मानते हुए बिना समय गंवाए उन्हें रायपुर के हायर सेंटर रेफर किया। रायपुर के डीकेएस अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि सिद्धि न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट और ऑब्स्ट्रक्टिव हाइड्रोसिफ़ेलस नामक गंभीर समस्या से ग्रसित है। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया और उनके स्कल में स्टंट डालकर ऑपरेशन किया गया।
सर्जरी अत्यंत संवेदनशील थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और सही इलाज से यह पूरी तरह सफल रही। इस पूरे इलाज में 1.50 लाख रुपये का खर्च आया, जिसमें आयुष्मान योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता ने परिवार को राहत प्रदान की।
सर्जरी के बाद सिद्धि जब अपने घर लौटी, तो भी उनकी नियमित देखभाल जारी रही। चिरायु टीम महासमुंद, सीएमएचओ डॉ. कुदेशिया और आरबीएसके कंसल्टेंट अनुपम शर्मा के मार्गदर्शन में उनका सही इलाज हुआ। डॉक्टर अनिरुद्ध कसार की निगरानी में सिद्धि की सेहत में लगातार सुधार आता गया। आज सिद्धि पूरी तरह स्वस्थ है। वह हंसती, खेलती और अपनी मासूमियत से सभी को आनंदित कर रही है। माता-पिता की आँखों में संतोष और खुशी झलक रही है। आयुष्मान योजना ने जीवन संवारने वाली योजना को चरितार्थ कर दिया।महासमुंद ब्लॉक के ग्राम बरोंडाबाजार में 11 जनवरी 2024 को श्री कार्तिक ध्रुव के घर नन्ही सी प्यारी बच्ची सिद्धि का जन्म हुआ। उनके आगमन से पूरे परिवार में अपार हर्ष और उल्लास का वातावरण छा गया। लेकिन जन्म के तुरंत बाद ही परिजनों ने सिद्धि के सिर पर असामान्य सूजन देखी, जिससे सभी चिंतित हो गए।

परिवार ने तुरंत स्थानीय मितानिन और चिरायु टीम महासमुंद से संपर्क किया। डॉ. रूही नाज और सहयोगी डॉक्टर ने स्थिति को गंभीर मानते हुए बिना समय गंवाए उन्हें रायपुर के हायर सेंटर रेफर किया। रायपुर के डीकेएस अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि सिद्धि न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट और ऑब्स्ट्रक्टिव हाइड्रोसिफ़ेलस नामक गंभीर समस्या से ग्रसित है। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया और उनके स्कल में स्टंट डालकर ऑपरेशन किया गया।
सर्जरी अत्यंत संवेदनशील थी, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और सही इलाज से यह पूरी तरह सफल रही। इस पूरे इलाज में 1.50 लाख रुपये का खर्च आया, जिसमें आयुष्मान योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता ने परिवार को राहत प्रदान की।
सर्जरी के बाद सिद्धि जब अपने घर लौटी, तो भी उनकी नियमित देखभाल जारी रही। चिरायु टीम महासमुंद, सीएमएचओ डॉ. कुदेशिया और आरबीएसके कंसल्टेंट अनुपम शर्मा के मार्गदर्शन में उनका सही इलाज हुआ। डॉक्टर अनिरुद्ध कसार की निगरानी में सिद्धि की सेहत में लगातार सुधार आता गया। आज सिद्धि पूरी तरह स्वस्थ है। वह हंसती, खेलती और अपनी मासूमियत से सभी को आनंदित कर रही है। माता-पिता की आँखों में संतोष और खुशी झलक रही है। आयुष्मान योजना ने जीवन संवारने वाली योजना को चरितार्थ कर दिया।

रायपुर : बस्तर की लोक संस्कृति को मिल रही है नई पहचान: वन मंत्री श्री केदार कश्यप

वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य के आदिवासी संस्कृकति लोक कलाओं एवं लोक परंपराओं सहित बस्तर की संस्कृति को संरक्षण और संवर्धन करने की दिशा में बेहतर काम कर रही है इससे बस्तर की लोक संस्कृति को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिली है। मंत्री श्री कश्यप ने जिला कोण्डागांव में आयाजित ‘बस्तर पंडुम’ प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस आयोजन में जिले के पांचों विकासखंडों से आए लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से जनजातीय संस्कृति को जीवंत बना दिया। वहीं जनजातीय व्यंजन, आभुषण, वेशभूषा और शिल्पकला का भव्य प्रदर्शनी लोगों में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की जीवनशैली में जनजातीय गीत-संगीत, नृत्य और खानपान अनूठी पहचान है।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस विलुप्त होती लोकसंस्कृति को ‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है, जिससे विकास के नए द्वार खुलेंगे और बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बस्तर के कोदो, कुटकी और रागी जैसे पोषक अनाजों को अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘बस्तर पंडुम’ नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति को समझने और अपनाने का अवसर देगा।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जानकारी दी कि जिला स्तरीय आयोजन में विकासखंड स्तर पर चुने गए आठ विधाओं के विजेता प्रतिभागी शामिल हुए हैं। यहां से चयनित प्रतिभागी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से बस्तर की संस्कृति को नई पहचान मिल रही है।वन एवं जलवायु परिर्वतन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की चहुमुखी विकास हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार राज्य के आदिवासी संस्कृकति लोक कलाओं एवं लोक परंपराओं सहित बस्तर की संस्कृति को संरक्षण और संवर्धन करने की दिशा में बेहतर काम कर रही है इससे बस्तर की लोक संस्कृति को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिली है। मंत्री श्री कश्यप ने जिला कोण्डागांव में आयाजित ‘बस्तर पंडुम’ प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस आयोजन में जिले के पांचों विकासखंडों से आए लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से जनजातीय संस्कृति को जीवंत बना दिया। वहीं जनजातीय व्यंजन, आभुषण, वेशभूषा और शिल्पकला का भव्य प्रदर्शनी लोगों में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

 वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की जीवनशैली में जनजातीय गीत-संगीत, नृत्य और खानपान अनूठी पहचान है।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस विलुप्त होती लोकसंस्कृति को ‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है, जिससे विकास के नए द्वार खुलेंगे और बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान मिलेगी।

 उन्होंने कहा कि बस्तर के कोदो, कुटकी और रागी जैसे पोषक अनाजों को अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘बस्तर पंडुम’ नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति को समझने और अपनाने का अवसर देगा।

 कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जानकारी दी कि जिला स्तरीय आयोजन में विकासखंड स्तर पर चुने गए आठ विधाओं के विजेता प्रतिभागी शामिल हुए हैं। यहां से चयनित प्रतिभागी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से बस्तर की संस्कृति को नई पहचान मिल रही है।

रायपुर : सी.आई.डी.सी. में संविलियित – विघटित परिवहन निगम के कर्मचारियों को मिलेगा भत्ता और गृह भाड़ा

कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज यहां नवा रायपुर, अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन (सी.आई.डी.सी.) की 45वीं बैठक आयोजित की गई। संचालक मंडल की बैठक में सर्वप्रथम पूर्व में लिये गए निर्णयों पर प्रबंध संचालक द्वारा पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसके पश्चात् संचालक मंडल ने विगत वर्षों के वित्तीय गतिविधियों पर चर्चा की।
सी.आई.डी.सी. के बैठक विभिन्न योजनाओं और संकल्पों पर चर्चा के उपरांत महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। बैठक में सी.आई.डी.सी. में संविलियित विघटित परिवहन निगम के कर्मचारियों को राज्य शासन द्वारा जारी आदेशों के अनुरुप 22 प्रतिशत, 20 प्रतिशत, 33 प्रतिशत, 30 प्रतिशत, 42 प्रतिशत, 40 प्रतिशत, 60 प्रतिशत एवं 53 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ देने हेतु अध्यक्ष द्वारा प्रदत्ता अनुमोदन की पुष्टि करने तथा भविष्य में महंगाई भत्तों का लाभ देने हेतु प्रबंध संचालक को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही संचालक मण्डल, सी.आई.डी.सी. में संविलियित विघटित परिवहन निगम के कर्मचारियों को राज्य शासन के आदेशानुसार अगस्त, 2023 से गृह गाढ़ा भत्ते का लाभ देने हेतु मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा प्रदत्त अनुमोदन का पुष्टि किया गया है।
बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सचिव ऊर्जा विभाग श्री रोहित यादव, सचिव सह आयुक्त परिवहन श्री एस. प्रकाश, सचिव राजस्व विभाग श्री अविनाश चम्पावत, सचिव जल संसाधन विभाग श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. कमलप्रीत सिंह, श्री संजय कुमार ओझा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज यहां नवा रायपुर, अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन (सी.आई.डी.सी.) की 45वीं बैठक आयोजित की गई। संचालक मंडल की बैठक में सर्वप्रथम पूर्व में लिये गए निर्णयों पर प्रबंध संचालक द्वारा पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसके पश्चात् संचालक मंडल ने विगत वर्षों के वित्तीय गतिविधियों पर चर्चा की।

सी.आई.डी.सी. के बैठक विभिन्न योजनाओं और संकल्पों पर चर्चा के उपरांत महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। बैठक में सी.आई.डी.सी. में संविलियित विघटित परिवहन निगम के कर्मचारियों को राज्य शासन द्वारा जारी आदेशों के अनुरुप 22 प्रतिशत, 20 प्रतिशत, 33 प्रतिशत, 30 प्रतिशत, 42 प्रतिशत, 40 प्रतिशत, 60 प्रतिशत एवं 53 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ देने हेतु अध्यक्ष द्वारा प्रदत्ता अनुमोदन की पुष्टि करने तथा भविष्य में महंगाई भत्तों का लाभ देने हेतु प्रबंध संचालक को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही संचालक मण्डल, सी.आई.डी.सी. में संविलियित विघटित परिवहन निगम के कर्मचारियों को राज्य शासन के आदेशानुसार अगस्त, 2023 से गृह गाढ़ा भत्ते का लाभ देने हेतु मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा प्रदत्त अनुमोदन का पुष्टि किया गया है।
बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सचिव ऊर्जा विभाग श्री रोहित यादव, सचिव सह आयुक्त परिवहन श्री एस. प्रकाश, सचिव राजस्व विभाग श्री अविनाश चम्पावत, सचिव जल संसाधन विभाग श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. कमलप्रीत सिंह, श्री संजय कुमार ओझा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।